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सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से मां और बचà¥à¤šà¤¾ दोनों को होते हैं ये फायदे, देखिठपूरी जानकारी मां का दूध बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ अमृत होता है? सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤¯à¤¾ फायदा होता है और कà¥à¤¯à¤¾ फायदा होता है मां? कैसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली महिलाओं का वजन कम होता है? कà¥à¤µà¤¾à¤²à¥€à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ डायटीशियन गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨ पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® कोऑरà¥à¤¡à¤¿à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤° डायटीशियन रानू सिंह बता रही हैं सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की पूरी जानकारी माठका दूध शिशॠके लिये अमृत समान होता है। विशà¥à¤µ में 1 से 7 अगसà¥à¤¤ तक 'विशà¥à¤µ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹' मनाया जाता है। इस वरà¥à¤· की विशà¥à¤µ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की थीम 'à¤à¤®à¥à¤ªà¥‹à¤µà¥‡à¤° पैरेंटà¥à¤¸ इनेबल बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग' है। विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° जब तक बचà¥à¤šà¥‡ 6 महीने के नहीं हो जाते है, तब तक उनको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ जरà¥à¤° कराना चाहिà¤à¥¤ माठके दूध में आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µ, खनिज, विटामिन, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, वसा, à¤à¤‚टीबाडीज और à¤à¤¸à¥‡ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कारक मौजूद होते हैं, जो नवजात शिशॠके समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ विकास और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है। शिशॠके जनà¥à¤® के छह माह बाद तक माठका दूध ही बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसमà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ आहार की सà¤à¥€ जरूरतें पूरी करता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ माठऔर शिशॠदोनों के लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से शिशॠको लाठ1- शारिरिक विकास-विटामिन ठà¤à¤µà¤‚ à¤à¤‚टीबॉडीज यà¥à¤•à¥à¤¤ कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤®, नवजात शिशà¥à¤“ं की जरूरतों के लिठअनà¥à¤•ूल रूप से विकास में मदद करता है। माठके दूध में मौजूद पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, विटामिन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® आदि ततà¥à¤µ शिशॠके शारीरिक विकास में मदद करते हैं। 2- पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾-माठके दूध में उचà¥à¤š पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और रोगपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ारक मौजूद होते हैं जो शिशॠकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बà¥à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। 3- सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पाचन तंतà¥à¤°-सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• मिलते हैं, जो शिशॠके पाचन तंतà¥à¤° में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ दूर करते हैं तथा बचà¥à¤šà¥‡ का पाचन तंतà¥à¤° सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहता है और पेट संबंधी परेशानियां होने के आशंका कम होती है। 4- मानसिक विकास-माठके दूध में लांगचेन पॉली अनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होते हैं, जो शिशॠके मानसिक विकास में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। 5- à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा-माठका दूध,शत पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है, इसलिठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है, जबकि अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार के दूध से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने की आशंका हो सकती है। 6- सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का विकास-सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से शिशॠके शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और विटामिन की कमी नहीं होती है तथा माठके दूध में मौजूद कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® शिशॠके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अवशोषित कर लिठजाते हैं, जो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत करने का काम करते हैं। 7- सà¥à¤ªà¤¾à¤šà¥à¤¯-माठका दूध, शिशॠके पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के अनà¥à¤°à¥‚प निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ होता है और माठके दूध में मौजूद पोषक ततà¥à¤µ सà¥à¤ªà¤¾à¤šà¥à¤¯ होते हैं, जिसे शिशॠआसानी से पचा लेता है। 8- बेहतर दृषà¥à¤Ÿà¤¿-माठके दूध में डी.à¤à¤š.à¤. होता है, जिससे आगे चलकर बचà¥à¤šà¥‡ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ à¤à¥€ तेज होती है। 9- सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ à¤à¤µà¤‚ समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ आहार-माठके दूध में सà¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µ होते हैं, जो शिशॠके समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ विकास के लिठआवशà¥à¤¯à¤• होते हैं। माठका दूध, बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसमà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ आहार माना जाता है। 10- सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨, सडन इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट डेथ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® के खतरे को कम करने में मदद करता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से माठको लाठ1- सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨, वजन कम करने में सहायक होता है, जब माà¤, अपने शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराती है तो उसका शरीर लगà¤à¤— 450 से 500 कैलोरी खरà¥à¤š करता है, इससे पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक ढंग से वजन कम करने मे मदद मिलती है। 2- सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बà¥à¤°à¥ˆà¤¸à¥à¤Ÿ और ओवेरियन कैंसर के खतरे को कम करता है। 3- सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ माठऔर शिशॠके बीच à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रिशà¥à¤¤à¥‡ को बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ और मजबूत करता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माठको पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से यà¥à¤•à¥à¤¤ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार अवशà¥à¤¯ करना चाहिà¤à¥¤ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माठको अपने खाने का खास खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस वकà¥à¤¤ वह जो à¤à¥€ खाती है उसका असर उसके बचà¥à¤šà¥‡ पर पड़ता है। कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ है, जो विशेष रूप से दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में वृदà¥à¤§à¤¿ करने में मदद करते हैं, इस तरह के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ ,गैलेकटगाग (galactagogue) के रूप में जाने जाते हैं।
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